आदर्श अग्रहरि / बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में स्थित गिरजाबंध हनुमान मंदिर (Shri Girjaband Hanuman Temple) अपने नवनिर्माण और भव्य स्वरूप के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है. यह विश्व का एकमात्र ऐसा अनोखा मंदिर है जहां हनुमान जी की पूजा स्त्री (नारी) रूप में की जाती है. वर्तमान में इस पवित्र और ऐतिहासिक स्थल का पुनर्विकास कर इसे और भी शानदार, आकर्षक और भव्य रूप दिया जा रहा है।

मंदिर के भव्य नवनिर्माण की मुख्य विशेषताएंयह धार्मिक स्थल अब एक आधुनिक और भव्य परिसर के रूप में तब्दील हो रहा है:स्थापत्य कला का सुंदर संगम: मंदिर के ऊंचे शिखर और नक्काशीदार पत्थरों को बेहद आकर्षक और भव्य रूप दिया जा रहा है.परिसर का विस्तार: मुख्य मंदिर के साथ-साथ यहाँ स्थित शनिदेव मंदिर और शिवलिंग को भी नया और सुव्यवस्थित स्वरूप दिया गया है.मनमोहक वातावरण: मंदिर के ठीक बगल में स्थित सुंदर तालाब और प्राकृतिक बगीचे का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और आध्यात्मिक वातावरण का अहसास हो.आधुनिक सुविधाएं: बढ़ते पर्यटन और भक्तों की भीड़ को देखते हुए यहाँ व्हीलचेयर सुलभ प्रवेश द्वार (Accessible Entrance) और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं.गिरजाबंध हनुमान मंदिर का गौरवशाली इतिहास और मान्यताइस अद्भुत और दिव्य मंदिर से कई पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं:राजा पृथ्वी देवजू की कथा: 10वीं शताब्दी में रतनपुर के कलचुरी राजा पृथ्वी देवजू हनुमान जी के परम भक्त थे. वे कोढ़ (कुष्ठ) रोग से पीड़ित थे.सपने में दिव्य निर्देश: हनुमान जी ने राजा को सपने में दर्शन देकर एक मंदिर बनवाने और पास के महामाया कुंड से मूर्ति निकालकर स्थापित करने का निर्देश दिया.स्त्री रूप की प्राप्ति: जब राजा के सेवकों ने कुंड से मूर्ति निकाली, तो वे हनुमान जी के अद्भुत नारी स्वरूप को देखकर हैरान रह गए. विधि-विधान से स्थापना के बाद राजा का असाध्य रोग पूरी तरह ठीक हो गया.मूर्ति की अनूठी बनावट: इस प्रतिमा में हनुमान जी के कंधों पर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण विराजमान हैं, और उनके पैरों के नीचे अहिरावण का दमन होता दिखाया गया है.