आदर्श अग्रहरि
बिलासपुर – ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, पोषण सुरक्षा एवं सतत आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था द्वारा संचालित गरिमा (ग्रामीण आत्मनिर्भर रोजगारी मंच) ने ग्राम बहेरामुड़ा (फुलवारीपारा), विकासखंड कोटा में “आत्मनिर्भर पोषण” परियोजना के अंतर्गत एकीकृत बकरी एवं मुर्गी पालन इकाई की स्थापना की। इस इकाई का विधिवत् लोकार्पण गोपाल शरण सिंह तंवर, संयुक्त संचालक, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, जिला बिलासपुर के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर बैगा जनजाति के महिला स्व-सहायता समूह को यह एकीकृत बकरी एवं मुर्गी पालन इकाई हस्तांतरित की गई, जिसका संचालन, रख-रखाव एवं प्रबंधन पूर्णतः समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। यह पहल जनजातीय महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्थायी एवं सम्मानजनक आजीविका, नियमित आय तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

अपने उद्बोधन में गोपाल शरण सिंह तंवर ने कहा कि इस प्रकार की पहल जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, पशुपालन आधारित उद्यमिता और आत्मनिर्भर आजीविका को नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पशु स्वास्थ्य विभाग एवं जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था भविष्य में समन्वित रूप से कार्य करेंगे, ताकि ग्रामीण एवं जनजातीय परिवारों को बकरी बीमा, बकरी पालन, गौ-पालन, डेयरी विकास, मुर्गी पालन सहित विभाग की विभिन्न पशुपालन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग एवं संस्था की यह साझेदारी ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।